Top 10 Breast Pain Reason In Hindi

Top 10 Breast Pain Reason In Hindi

ब्रेस्ट में दर्द होना एक ऐसी समस्या है जिसका सामना लगभग 70% महिलाएं करती हैं। आजकल ब्रेस्ट में हल्का सा दर्द भी महसूस हो तो मन में ब्रेस्ट कैंसर का ख्याल सबसे पहले आता है। अगर आपने भी कभी ब्रेस्ट में हल्का या तेज दर्द महसूस किया है और ब्रेस्ट कैंसर का डर आपके भी दिमाग में आया हो, तो चलिए ब्रेस्ट में दर्द और उसके कारणों के बारे में जानते हैं।

Table of Contents 15 sections
  1. स्तन दर्द के प्रकार (Types of Breast Pain)
    1. स्तन दर्द (Breast Pain) दो प्रकार के होते हैं, जो निम्न प्रकार हैं:
  2. Top Breast Pain Reason in Hindi:-
    1. हार्मोन की वजह से दर्द (Hormonal Imbalance)
    2. सिस्ट (Breast Cyst)
    3. ब्रेस्टफीडिंग की वजह से दर्द (ill Fitted Clothes)
    4. दवाएं (Medications)
    5. कैफीन की अधिक मात्रा ( Excessive Caffeine)
    6. ब्रेस्ट सर्जरी (Surgery)
    7. धूम्रपान (Smoking)
    8. ब्रेस्ट केंसर (Breast Cancer)
    9. 9. आप क्या कर सकते हैं (What you can do)
    10. 10. ब्रेस्ट से जुड़े डायग्नोस्टिक टेस्ट (Diagnostics Related to Breast)
  3. Takeaway
  4. FAQ

प्यूबर्टी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन बढ़ने लगता है और इसी वजह से ब्रेस्ट विकसित होते हैं। मासिक धर्म की वजह से ब्रेस्ट टिशू में बदलाव आते हैं जिससे कुछ महिलाओं को दर्द महसूस होने की संभावना रहती हैं इसलिए ब्रेस्ट में होने वाला दर्द आम माना गया है। जब  महिलाएं ब्रेस्ट में दर्द को अनुभव करती हैं तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मास्टालजिया  कहते हैं। इसमें ब्रेस्ट में हल्का दर्द, छूने में दर्द, चुभन या तेज दर्द होता है।

स्तन दर्द (Breast Pain) महिला के मासिक धर्म चक्र (menstrual cycle) का एक स्वाभाविक हिस्सा है, जो अक्सर मासिक धर्म (menstrual cycle) आने से लगभग एक सप्ताह पहले होता है। सौभाग्य से, इस प्रकार के दर्द को कुछ दवाओं और जीवनशैली (lifestyle) में बदलाव के माध्यम से आसानी से प्रबंधित (manage) और नियंत्रित (control) किया जा सकता है।

स्तन दर्द के प्रकार (Types of Breast Pain)

स्तन दर्द (Breast Pain) दो प्रकार के होते  हैं, जो निम्न प्रकार हैं:

  • चक्रीय स्तन दर्द (Cyclic Breast Pain)

इस प्रकार का स्तन दर्द (Breast Pain) आपके मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) के अनुरूप होता है। साइक्लिक दर्द का मतलब है कि यह दर्द आपके मासिक धर्म से जुड़ा है। मासिक धर्म चक्र से जुड़ा दर्द मासिक धर्म के दौरान होता है पर बाद में कम हो जाता है। चक्रीय स्तन दर्द (cyclic Breast Pain) 20 से 50 साल की महिलाओं में अधिक आम होता है। इस में आपके एक या दोनों स्तन में दर्द हो सकता है। 

यह दर्द आमतौर पर प्राकृतिक हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes) के कारण होता है। आपके मासिक धर्म (Menstrual Cycle) से लगभग एक सप्ताह पहले, आपको अपने स्तनों के ऊपरी और बाहरी हिस्सों में थोड़ा दर्द महसूस होना शुरू हो सकता है। मासिक धर्म (Menstrual Cycle)  आने के बाद चक्रीय स्तन दर्द (Cyclic Breast Pain) स्वाभाविक रूप (Naturally) से दूर हो जाता है, लेकिन यह आपके अगले मासिक धर्म (menstrual cycle) के दौरान वापस आ जाता है।

  • गैर-चक्रीय स्तन दर्द (Noncyclic breast pain)

इस प्रकार के स्तन दर्द (Breast Pain) का आपके मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) से कोई लेना–देना नहीं है, और यह 40 से 50 साल की महिलाओं में अधिक आम है। नॉनसाइक्लिक दर्द कई कारणों से हो सकता है जैसे; चोट लगना। कभी-कभी ऐसा दर्द ब्रेस्ट के बजाय उसके आसपास की मांसपेशियों या टिशू में आ सकता है। साइक्लिक दर्द की तरह, ऐसा दर्द हमेशा नहीं होता और अगर हो रहा हो तो इसके कारणों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

Top Breast Pain Reason in Hindi:-

  1. हार्मोन की वजह से दर्द (Hormonal Imbalance)

मासिक धर्म की वजह से महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन का स्तर बदलने लगता है। यह दोनों हार्मोन महिलाओं में ब्रेस्ट की सूजन, गांठ बनने या दर्द का कारण बन जाते हैं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में दर्द बढ़ने की ज्यादा आशंका रहती है क्योंकि उम्र के साथ शरीर हार्मोन के उतार-चढ़ाव की वजह से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। लेकिन कई बार ऐसा दर्द मोनोपॉज के बाद बंद भी हो जाता है।

  1. सिस्ट (Breast Cyst) 

महिलाओं की बढ़ती उम्र के साथ ब्रेस्ट में बदलाव होने लगते हैं इसे इंवॉल्यूशन कहा जाता है। यह तब होता है जब ब्रेस्ट के टिशु की जगह फैट ले लेता है। इसके साइड इफेक्ट के रूप में ब्रेस्ट में सिस्ट बनने लगते हैं और ज्यादा रेशेदार टिशु का विकास होने लगता है। इन्हें फाइब्रोसिस्टिक  चेंज या फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट टिशु कहा जाता है। हालांकि फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट की वजह से दर्द हो यह जरूरी नहीं, क्योंकि यह उम्र के साथ होने वाले बदलावों में शामिल है। लेकिन कभी-कभी यह ब्रेस्ट में दर्द का कारण भी बन सकते हैं।


  1. ब्रेस्टफीडिंग की वजह से दर्द (ill Fitted Clothes)

ब्रेस्टफीडिंग आपके बच्चे को खिलाने का एक प्राकृतिक और पोस्टिक तरीका है। लेकिन कई कारणों से स्तनपान कराते समय आप दर्द का अनुभव कर सकती हैं जैसे:-

(i)   ब्रेस्ट में सूजन, जो दूध नलिकाओं में संक्रमण की वजह से हो सकती है। इससे भी ब्रेस्ट में गंभीर और तेज दर्द होता है। 

(ii)  इंगोर्जमेंट मतलब  ब्रेस्ट का दूध से पूरी तरह भर जाना। यह भी ब्रेस्ट में दर्द का कारण है। इस स्थिति में जल्द से जल्द बच्चे को दूध पिलाकर या दूध को पंप करके मैनुअली बाहर निकाले।

(iii) यदि बच्चा  स्तनपान करते समय निप्पल को ठीक से नहीं पकड़ता है तो ऐसे में भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है।

  1. दवाएं (Medications)

कुछ दवाइयां जैसे ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स, एंटीडिप्रेसेंट्स आदि ब्रेस्ट में दर्द का कारण बन सकती हैं। यह हार्मोन स्तर में बदलाव कर सकती हैं इसलिए ऐसी कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह कर लें । इसके आपके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जरूर जान लें।

  1. कैफीन की अधिक मात्रा ( Excessive Caffeine) 

कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन भी ब्रेस्ट में दर्द का एक कारण है। चाय, सोडा, चॉकलेट और दवाई में भी कैफीन होता है जो ब्रेस्ट में दर्द का एक संभावित कारण हो सकता है। इन खाद्य पदार्थों में सामान्य रूप से कैफीन की मौजूदगी रक्त वाहिकाओं के फैलाव का कारण बनती हैं।


  1. ब्रेस्ट सर्जरी (Surgery)

यदि आप के  ब्रेस्ट की सर्जरी हुई है तो स्टिच के ठीक होने के बाद जो स्कार टिशु होते हैं वह भी दर्द का एक कारण बन सकते हैं।

  1. धूम्रपान (Smoking)

यदि कोई महिला धूम्रपान करती है तो धूम्रपान से उसके  ब्रेस्ट के टिशु में एपीनेफ्रीन का स्तर बढ़ जाता है। यह ब्रेस्ट में दर्द का एक कारण है।

  1. ब्रेस्ट केंसर (Breast Cancer)

अधिकतर ब्रेस्ट कैंसर दर्द से भरा नहीं होता है। महिलाएं दर्द की शिकायत या रिपोर्ट तभी करती हैं जब वह संक्रमित हो जाती हैं। ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता का अभाव होने के कारण उपचार में देरी हो जाती है। समय-समय पर अपने  ब्रेस्ट की जांच कराना और किसी अच्छे स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बहुत जरूरी है।

9. आप क्या कर सकते हैं  (What you can do)

इसका उपचार आपके  स्तन दर्द (Breast Pain) के प्रकार पर निर्भर करता है। चक्रीय स्तन दर्द (Cyclic breast pain) के उपचार (treatment) के लिए आप निम्न बातों का ध्यान रख सकते हैं :

  • सुनिश्चित (sodium) करें की आप सोडियम का सेवन कम कर रहीं है 
  • आपके खुराक में कैल्शियम (calcium) की उचित मात्रा का उपलब्ध है
  • आप एस्ट्रोजन ब्लॉकर्स (Estrogen blockers) का उपयोग कर रहीं हैं 

गैर–चक्रीय स्तन दर्द (Noncyclic breast pain) का उपचार (treatment) स्तन दर्द (Breast Pain) के कारणों पर निर्भर करता है। इस प्रकार के दर्द का उपचार (treatment)  स्तन दर्द (Breast Pain) के कारण का पता लगने पर ही संभव है ।

स्तन दर्द (Breast Pain) में निम्न टेस्ट किये जाते हैं –

  • नैदानिक ​​स्तन परिक्षण (Clinical breast Test)

इस टेस्ट में डॉक्टर आपके स्तनों में परिवर्तन और आपकी गर्दन (Neck) और अंडरआर्म (Underarm) में लिम्फ नोड्स (lymph Nodes) की जांच करते हैं। इस परिक्षण में डॉक्टर आपके दिल (Heart), फेफड़ों (lungs), छाती (Chest) और पेट (abdomen) की जांच भी करते हैं।  

  • मैमोग्राम (Mammogram)

यदि आपके स्तन (Breast) में गांठ (Lump) जैसा महसूस होता है, या आपको स्तन के ऊतकों (tissues) में एक निश्चित जगह पर दर्द का पता चलता है, तो डॉक्टर आपको स्तन (Breast) का एक्स–रे (X-ray) कराने की सलाह दे सकता है।

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)

अल्ट्रासाउंड में आपके स्तनों की छवियों (Breast Images) को प्राप्त करने के लिए ध्वनि तरंगों (Sound Waves) का उपयोग किया जाता है । यह अक्सर मैमोग्राम (Mammogram) के साथ किया जाता है।

  • स्तन बायोप्सी (Breast Biopsy)

स्तन बायोप्सी (Breast biopsy) के दौरान, आपका डॉक्टर आपके स्तन ऊतक (Breast Tissue) का एक छोटा सा नमूना (Sample) लेता है और  उसे प्रयोगशाला विश्लेषण (lab test) के लिए भेजता है। 

Takeaway

इसके साथ ही कई डॉक्टरों द्वारा ब्रेस्ट में दर्द के अन्य कारणों में  ब्रेस्ट की कोशिकाओं के भीतर फैटी एसिड का असंतुलित होना,  ब्रेस्ट का बड़ा आकार, और खराब तरीके की ब्रा पहनना भी शामिल है।  डॉ राजीव अग्रवाल इस ओने ऑफ़ थे Best Breast Cancer Doctor in Gurgaon | अधिक जानने क लिए अभी कॉल करे |

अगर आपको भी ब्रेस्ट में दर्द होता है तो आप डॉक्टर राजीव अग्रवाल के पास इलाज के लिए जा सकते हैं। इनका 40 साल से ज्यादा का तजुर्बा इन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन डॉक्टर में शुमार करता है। डॉक्टर राजीव ब्रेस्ट वर्तमान में मेदांता, द मेडिसिटी में सीनियर डायरेक्टर हैं। इन्होंने कई जटिल परेशानियों का सफल इलाज किया है जिसकी वजह से इन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

FAQ

FAQ

स्तन दर्द, जिसे मास्टाल्जिया भी कहा जाता है, कई महिलाओं के लिए एक सामान्य समस्या हो सकती है और जरूरी नहीं कि यह चिंता का कारण हो। वास्तव में, महावारी के समय स्तन में दर्द महसूस होना कई महिलाओं के आम है। इस प्रकार का स्तन दर्द मासिक धर्म से पहले के दिनों में होता है और आमतौर पर मासिक धर्म शुरू होने के बाद कम हो जाता है। यह अक्सर हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है और इसे महावारी मास्टाल्जिया कहा जाता है।

बहरहाल, स्तन दर्द गैर-चक्रीय भी हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यह आपके मासिक धर्म चक्र से संबंधित एक विशिष्ट पैटर्न का पालन नहीं करता है। गैर-चक्रीय स्तन दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें चोट, मांसपेशियों में खिंचाव या यहां तक कि दवा के दुष्प्रभाव भी शामिल हैं। जबकि गैर-चक्रीय स्तन दर्द कम आम है हलाँकि यह आमतौर पर किसी गंभीर अंतर्निहित स्थिति के कारण नहीं होता है।

हालाँकि, यदि आपको लगातार या नियमित तौर पर गंभीर स्तन दर्द का अनुभव होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में, स्तन दर्द किसी अंतर्निहित चिकित्सा समस्या से जुड़ा हो सकता है, इसलिए गहन मूल्यांकन से किसी भी चिंता को दूर करने में मदद मिल सकती है।

विटामिन की कमी, विशेष रूप से विटामिन डी या मैग्नीशियम जैसे कुछ विटामिन और खनिजों की कमी, संभावित रूप से कुछ व्यक्तियों में स्तन दर्द में योगदान कर सकती है। ये कमियाँ मांसपेशियों और तंत्रिका कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं, और कुछ मामलों में, स्तन दर्द सहित मांसपेशियों में ऐंठन या असुविधा पैदा कर सकती हैं।

यदि आपको विटामिन की कमी का संदेह है तो संतुलित आहार बनाए रखना और डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। वे किसी भी कमी की पहचान करने के लिए रक्त परीक्षण कर सकते हैं और समस्या के समाधान के लिए उचित उपचार का सुझाव दे सकते हैं।

महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, और स्तन कैंसर से पीड़ित कुछ महिलाओं को किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं हो सकता है। हालाँकि, स्तन कैंसर से जुड़े सामान्य संकेतों और लक्षणों के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है, जिनमें शामिल हो सकते हैं:-

स्तन में गांठ: स्तन कैंसर का सबसे आम लक्षण स्तन में एक नई गांठ या द्रव्यमान की उपस्थिति है। यह गांठ सख्त और दर्द रहित महसूस हो सकती है, लेकिन यह कोमल, मुलायम या गोल भी हो सकती है।

स्तन दर्द: आमतौर पर स्तन कैंसर दर्द का कारण नहीं बनता है लेकिन इस से पीड़ित कुछ महिलाओं को स्तन में असुविधा, कोमलता या दर्द का अनुभव हो सकता है।

स्तन की त्वचा में बदलाव: स्तन के ऊपर की त्वचा में बदलाव स्तन कैंसर का संकेत हो सकता है। त्वचा पर गड्ढे, सिकुड़न, लाली या पपड़ी का पता लगाएं। त्वचा सूजी हुई या फूली हुई दिखाई दे सकती है।

This page provides general information about breast health and is not a substitute for individual medical advice. Symptoms vary between people. If you have a new breast lump, skin or nipple change, or pain that concerns you, book an appointment with a qualified doctor. In an emergency, go to your nearest hospital.

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